उत्तर भारत में जारी शीतलहर और घने कोहरे के कारण गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 17 जनवरी 2026 तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि लगातार गिरते तापमान और दृश्यता की कमी ने स्कूली बच्चों की आवाजाही को जोखिम में डाल दिया है.
दो दिन और बढ़ाया गया अवकाश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने जानकारी दी कि कड़ाके की ठंड और गलन को देखते हुए पहले घोषित छुट्टियों (31 दिसंबर से 15 जनवरी) को अब 17 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है. यह आदेश सभी बोर्डों के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर लागू होगा.
आदेश के बावजूद खुले कुछ स्कूल, अभिभावकों में नाराजगी
- हालांकि, इस आदेश की घोषणा सुबह होते ही कई अभिभावकों ने नाराजगी जताई. कुछ स्कूलों ने आदेश का पालन न करते हुए सुबह से ही स्कूल खोल दिए, जिससे बच्चे स्कूल पहुंच भी गए.
- कई माता-पिता का कहना है कि आदेश देर से आने के कारण उनकी दिनचर्या और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हुई. कई निजी स्कूलों ने छुट्टी के बजाय ऑनलाइन क्लास संचालित करने का ऑप्शन चुना.
आदेश की अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
- बेसिक शिक्षा अधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि जो भी स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
- उन्होंने यह भी कहा कि “छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे मौसम में बच्चों को घर पर रखना ही सबसे सुरक्षित ऑप्शन है.”
क्यों लिया गया यह निर्णय?
इस फैसले के पीछे प्रमुख कारण तेज सर्द हवाएं, घना कोहरा और लगातार गिरता तापमान है. पूरे उत्तर भारत में तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है, जिससे बच्चों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. शीतलहर का असर इतना अधिक है कि सुबह के समय दृश्यता मात्र 10–20 मीटर तक सिमट जाती है, जिससे स्कूल आने‑जाने में दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है.
शीतलहर से जनजीवन प्रभावित
- नोएडा ही नहीं, बल्कि दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं.
- मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कोहरे और तापमान में गिरावट के जारी रहने की संभावना जताई है.
अभिभावकों को सलाह: स्कूल से अपडेट लेते रहें
बेसिक शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे
- स्कूल प्रशासन द्वारा जारी नोटिस चेक करते रहें
- SMS या WhatsApp अपडेट पर ध्यान दें
- और सुनिश्चित करें कि बच्चे तब तक स्कूल न जाएं जब तक कोई नई घोषणा न ह
छुट्टियों को लेकर भ्रम की स्थिति
कुछ निजी स्कूलों ने अभी तक कोई स्पष्ट नोटिस नहीं मिला है, जिससे छुट्टियों को लेकर असमंजस बना हुआ है. ऐसे में माता‑पिता को चाहिए कि वे अपने संबंधित स्कूलों से संपर्क करके स्थिति स्पष्ट करें.
क्या आगे और बढ़ सकती हैं छुट्टियां?
- मौसम का मिजाज देखकर संभावना है कि अगर कोहरा और तापमान में गिरावट इसी तरह बनी रही, तो छुट्टियों को 20 जनवरी तक भी बढ़ाया जा सकता है.
- हालांकि, यह निर्णय मौसम की स्थिति और स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर निर्भर करेगा.


