School Holiday: उत्तर प्रदेश में ठंड का असर लगातार बना हुआ है. प्रदेश के कई जिलों में *ठंडी हवाओं और शीतलहर ने ठंड और ठिठुरन को और बढ़ा दिया है. ऐसे मौसम में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है. कई जिलों में कक्षा 8 तक के स्कूलों की छुट्टियां आगे बढ़ा दी गई हैं, जिससे बच्चे इस सर्द मौसम में सुरक्षित रह सकें.
बदायूं, बरेली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में 17 जनवरी तक स्कूल बंद
प्रदेश के बदायूं, बरेली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों में नर्सरी से लेकर कक्षा आठ तक के सभी स्कूल 17 जनवरी 2025 तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. चूंकि 18 जनवरी को रविवार पड़ रहा है, इस कारण से इन जिलों के बच्चों को अब सीधे सोमवार 19 जनवरी को ही स्कूल जाना होगा. इससे उन्हें लगातार तीन दिनों की लंबी छुट्टी मिलेगी.
पीलीभीत और बदायूं में भी राहत, सोमवार से खुलेंगे स्कूल
पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी ठंड के कारण स्कूलों की छुट्टी बढ़ा दी गई है. यहां भी नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 17 जनवरी तक बंद रहेंगे और फिर रविवार के बाद सीधे सोमवार 19 जनवरी से स्कूल खुलेंगे. प्रशासन ने यह निर्णय बढ़ती सर्दी और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए लिया है.
गौतमबुद्ध नगर में पहले ही जारी हो चुका है आदेश
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने पहले ही स्कूलों की छुट्टी का ऐलान कर दिया था. यहां ठंड और शीतलहर के चलते सभी स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी हुआ था. 18 जनवरी को रविवार होने की वजह से यहां भी स्कूल अब सीधे 19 जनवरी से खुलेंगे. जिले में सर्दी का प्रकोप काफी अधिक देखा जा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा के लिए यह फैसला लिया गया.
प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान के चलते 20 जनवरी तक स्कूल बंद
प्रयागराज जिले में स्थिति अन्य जिलों से अलग है. यहां मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के कारण 20 जनवरी 2025 तक कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे. प्रशासन ने यह फैसला संगम क्षेत्र में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है. मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु प्रयागराज आते हैं और संगम में स्नान करते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से स्कूलों को बंद रखना आवश्यक समझा गया.
बच्चों के लिए राहत, अभिभावकों के लिए योजना बनाने का समय
लगातार बढ़ती ठंड और स्थानीय आयोजनों को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी बढ़ने से बच्चों को कुछ राहत जरूर मिलेगी. साथ ही अभिभावकों को बच्चों की देखभाल और योजनाएं बनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां धार्मिक आयोजनों के चलते अतिरिक्त भीड़ होती है, वहां बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रशासन का सराहनीय कदम है.
सर्दी और पर्व दोनों का असर, स्कूल बंदी का दायरा बढ़ सकता है
मौजूदा हालात को देखते हुए यह अंदेशा भी है कि अगर ठंड और शीतलहर का प्रकोप बना रहा, तो अन्य जिलों में भी स्कूल बंदी का फैसला लिया जा सकता है. प्रशासन मौसम विभाग की रिपोर्ट और स्थानीय हालात के आधार पर निर्णय ले रहा है. ऐसे में अगले कुछ दिनों में और भी जिलों की लिस्ट इसमें शामिल हो सकती है.
अभिभावकों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, घर में हीटर या अलाव जैसी व्यवस्था करें और अनावश्यक रूप से उन्हें बाहर न निकलने दें. साथ ही जिन जिलों में स्कूल खुले हैं, वहां बच्चों को सुबह के समय स्कूल भेजते समय विशेष सावधानी बरतें.






