Railway Guidelines: भारतीय रेलवे देश में रोज करोड़ों यात्रियों को सफर कराता है. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए रेलवे कुछ खास सुरक्षा नियम लागू करता है. ये नियम न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि यात्रा के अनुभव को भी बेहतर बनाते हैं.
खतरनाक सामान पर पूरी तरह रोक
रेलवे के नियमों के अनुसार, कुछ सामान ऐसे हैं जिन्हें ट्रेन में ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इनमें शामिल हैं:
- गैस सिलेंडर
- पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ
- पटाखे, बारूद, हथियार
- खतरनाक रसायन या केमिकल
इन वस्तुओं को ले जाना यात्रियों और ट्रेन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. ऐसे मामलों में रेलवे सख्त कार्रवाई कर सकता है.
जानकारी के अभाव में हो सकती है भारी गलती
कई बार लोग जानबूझकर नहीं बल्कि अनजाने में ऐसा सामान साथ ले आते हैं, जो रेलवे के नियमों के खिलाफ होता है. अगर सुरक्षा जांच के दौरान यात्री पकड़ा जाता है, तो उसका सामान जब्त किया जा सकता है.
इसके अलावा:
- भारी जुर्माना लगाया जा सकता है
- गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई तक हो सकती है
घी ले जाने के लिए भी है सख्त नियम
घी, जो आमतौर पर हमारे घरों में रोजाना इस्तेमाल होता है, उसे भी ट्रेन में ले जाने को लेकर रेलवे ने विशेष नियम निर्धारित किए हैं.
- यात्री अधिकतम 20 किलो तक घी ट्रेन में ले जा सकते हैं
- इससे अधिक घी ले जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी जरूरी है
घी की पैकिंग को लेकर भी है कड़ा प्रावधान
रेलवे केवल ठोस और सुरक्षित पैकिंग में रखा हुआ घी ही ट्रेन में ले जाने की इजाजत देता है. इसके लिए कुछ शर्तें हैं:
- घी सिर्फ टिन के कनस्तर या डिब्बों में पूरी तरह सील होकर रखा होना चाहिए
- खुले कंटेनर या प्लास्टिक की बोतलों में रखा घी ट्रेन में ले जाना मना है
- सही पैकिंग न होने पर रिसाव हो सकता है, जिससे फर्श फिसलन भरा हो जाता है और चोट या दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है
ज्वलनशीलता के कारण है खतरा
घी एक ज्वलनशील पदार्थ है, यानी उसमें आग पकड़ने की संभावना होती है. यदि ट्रेन में घी गिर जाए या पैकिंग में खराबी हो तो आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इससे यात्री और संपत्ति को बड़ा नुकसान हो सकता है.
नियम तोड़े तो क्या होगी सजा?
अगर कोई यात्री:
- 20 किलो से ज्यादा घी बिना अनुमति के ले जाता है
- या घी की पैकिंग रेलवे के मानकों के अनुसार नहीं होती,
तो रेलवे द्वारा:
- सामान जब्त किया जा सकता है
- जुर्माना लगाया जा सकता है
- जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है
सफर से पहले जान लें, पछताएं नहीं
रेलवे बार-बार यात्रियों को जागरूक करता है कि यात्रा पर निकलने से पहले सामान से जुड़े सभी नियमों को जरूर समझ लें. यह न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि नियम तोड़ने पर लगने वाले जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बचाव का सबसे अच्छा तरीका भी है.
यात्री क्या करें?
- अगर घी ले जा रहे हैं, तो 20 किलो से ज्यादा न रखें
- घी को सही तरीके से टिन कनस्तर में बंद करके पैक करें
- किसी भी शंका की स्थिति में रेलवे स्टेशन पर जानकारी लें या रेल अधिकारी से संपर्क करें






