Weather Update: हरियाणा में तेजी से मौसम बदल रहा है. शुक्रवार को सुबह के समय कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई. हालांकि दोपहर में खिली तेज धूप ने लोगों को कुछ राहत दी, लेकिन सुबह के वक्त का कोहरा और ठिठुरन साफ तौर पर सर्दी की तीव्रता को दर्शा रही थी. इस बदले हुए मौसम ने विशेषकर वृद्धजनों, बच्चों और स्कूली छात्रों को सबसे अधिक प्रभावित किया.
हिसार बना सबसे ठंडा इलाका, तापमान पहुंचा 0.2 डिग्री
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हकृवि) द्वारा शुक्रवार को दर्ज आंकड़ों के अनुसार, हिसार राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह तापमान सामान्य से काफी नीचे है और इससे साफ है कि क्षेत्र में शीतलहर और पाले का प्रभाव गहरा होता जा रहा है.
भिवानी में भी कड़ाके की ठंड, IMD का डेटा आया सामने
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों में भिवानी में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि बेहद कम है. मौसम विभाग ने शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है.
तापमान में गिरावट और बर्फबारी का असर
आईएमडी का कहना है कि उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिर रहा है और इसका प्रमुख कारण पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी है. इसका असर हरियाणा के मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है. मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि चार जिलों का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस या उससे भी नीचे पहुंच चुका है, जो शीतलहर की स्थिति को दर्शाता है.
सिरसा, महेंद्रगढ़ और अन्य जिलों में शीतलहर और पाला
सिरसा जिले में तापमान 0.8 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और पाला पड़ने की स्थिति बनी. इसी तरह महेंद्रगढ़ में तापमान 0.5 डिग्री रहा, जहां भयंकर शीतलहर के साथ पाला भी पड़ा. ये आंकड़े राज्यभर में सर्दी की भयावहता को साफ दर्शाते हैं.
शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ करेगा असर
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, शनिवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके असर से रविवार या सोमवार तक हरियाणा के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. यह बारिश तापमान को और नीचे ले जाने में सहायक हो सकती है, जिससे सर्दी और अधिक बढ़ने की संभावना है.
कोहरे का येलो अलर्ट जारी
IMD ने शनिवार के लिए हरियाणा के कई जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट भी जारी किया है. इसका अर्थ है कि सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी. खासतौर पर सुबह के समय वाहनों को धीमी गति से चलाने की सलाह दी गई है.
ठंड का असर जनजीवन पर भी साफ
तेजी से गिरते तापमान और शीतलहर का असर स्कूल, ऑफिस, अस्पताल और यातायात सेवाओं पर भी पड़ रहा है. स्कूलों में उपस्थिति कम हो रही है, और कई जगहों पर छात्रों के लिए गर्म पेय और हीटर जैसी व्यवस्था की जा रही है. किसानों की चिंता भी बढ़ी है, क्योंकि पाला फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है.
अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण
मौसम विभाग की मानें तो अगले 3-4 दिन प्रदेश के लिए मौसम की दृष्टि से बेहद अहम होंगे. बारिश, कोहरा और पाले की स्थिति के कारण लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है. स्वास्थ्य विभाग ने भी सर्दी के चलते बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.






