School Holiday Update: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है.गिरते तापमान और 0 विजिबिलिटी वाले कोहरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR और पंजाब सहित कई राज्यों में स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं.कई जिलों में छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, वहीं कहीं-कहीं स्कूल का समय बदला गया है ताकि बच्चों को सर्दी से राहत मिल सके
स्कूलों को लेकर नए निर्देश, ठंड से बच्चों को बचाना प्राथमिकता
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है बच्चों को ठंड से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना.
- सुबह की शीतलहर और कोहरे के बीच स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है.
- इसीलिए कई जिलों में छुट्टियों का विस्तार या समय में बदलाव का निर्णय लिया गया है.
- अभिभावकों से कहा गया है कि वे हर दिन स्कूल के अपडेट चेक करें.
उत्तर प्रदेश: संभल, नोएडा, लखनऊ समेत कई जिलों में स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश में ठंड सबसे अधिक कहर बरपा रही है.
- संभल जिले में डीएम के आदेश से नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 16 और 17 जनवरी को बंद हैं.
- नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में कक्षा 8 तक के लिए फिजिकल क्लासेस रद्द की गई हैं.
- बड़ी कक्षाओं के लिए या तो समय बदला गया है या फिर ऑनलाइन क्लास का विकल्प दिया गया है.
प्रयागराज में माघ मेला के चलते पहले से ही स्कूल बंद हैं.
कई जिलों में छुट्टियां अब सीधे 20 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं
पंजाब: स्कूलों का समय 16 से 21 जनवरी तक बदला गया
पंजाब सरकार ने स्कूल बंद नहीं किए हैं, लेकिन उनका समय बदल दिया है.
नया टाइमिंग 16 जनवरी से 21 जनवरी तक लागू रहेगा:
- प्राथमिक विद्यालय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक
- माध्यमिक/उच्च विद्यालय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:20 बजे तक
सरकार के अनुसार, यह निर्णय कोहरे और हादसों से बचाने के लिए लिया गया है ताकि
- बच्चे धूप निकलने के बाद स्कूल जाएं
- और सुबह के समय की खतरनाक ठंड से सुरक्षित रहें
दिल्ली-NCR: 16 जनवरी से स्कूल खुलने की संभावना
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में स्कूल खुलने को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
हालांकि लेटेस्ट अपडेट के अनुसार,
- कुछ क्षेत्रों में 16 जनवरी से स्कूल खुल सकते हैं
- लेकिन समय में बदलाव रहेगा
- किसी भी स्कूल को सुबह 9 बजे से पहले क्लास शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी
IMD की चेतावनियों को ध्यान में रखकर ही आगे के निर्णय लिए जाएंगे.
क्यों लिया गया यह फैसला?
गंभीर शीतलहर, 0 मीटर विजिबिलिटी, और स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए
- बच्चों का सुबह स्कूल जाना बेहद असुरक्षित हो गया था
- खासकर छोटे बच्चों को ठंड लगने, निमोनिया, बुखार और फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया था
- *यही वजह है कि शिक्षा विभागों ने गाइडलाइन बदलने का निर्णय लिया है
डॉक्टरों और विशेषज्ञों की क्या सलाह है?
ठंड में बच्चों की सुरक्षा के लिए डॉक्टरों ने खास सुझाव दिए हैं:
- बच्चों को गर्म कपड़े, मोज़े, टोपी और दस्ताने पहनाकर भेजें
- ठंडे पानी से बचाएं, गुनगुना पानी पिलाएं
- बुखार, खांसी या जुकाम के लक्षण दिखें तो स्कूल न भेजें
- बच्चों को घर पर रखें तो हाइड्रेशन और उचित पोषण पर विशेष ध्यान दे
स्कूल बस चालकों को भी जारी किए गए निर्देश
कोहरे की स्थिति में सड़क सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा है.
- इसलिए स्कूल बस चालकों को निर्देश दिया गया है कि वे ‘फॉग लाइट्स’ का इस्तेमाल करें
- ड्राइविंग के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए
- छात्रों को चढ़ाने और उतारने में ज्यादा समय और ध्यान दिया जाए
अभिभावकों के लिए क्या जरूरी है?
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे हर सुबह स्कूल का अपडेट जरूर चेक करें.
- कई स्कूलों ने SMS या WhatsApp ग्रुप्स के जरिए सूचना देने की व्यवस्था की है
- किसी भी भ्रम से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्कूल की वेबसाइट पर नजर बनाए रखें
- यदि किसी स्कूल में छुट्टी नहीं है लेकिन बच्चा अस्वस्थ है, तो स्वेच्छा से घर पर रोक सकते हैं
कब तक राहत की उम्मीद?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4–5 दिन तक शीतलहर और कोहरा बने रहने की संभावना है.
- ऐसे में स्कूलों की छुट्टियां या समय में बदलाव आगे भी बढ़ सकता है
- 21 या 22 जनवरी के बाद स्थिति सामान्य होने की संभावना है
इसलिए यह जरूरी है कि हर माता-पिता और स्कूल प्रबंधन सतर्क रहें और सरकारी निर्देशों का पालन करें.






