Google Pay rules changed: डिजिटल पेमेंट अब हमारे रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है. सुबह की चाय से लेकर रात की सब्जी तक, हर लेन-देन अब मोबाइल से हो रहा है. इसी बढ़ते ट्रेंड के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन लेनदेन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं. ये बदलाव खासतौर पर Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे लोकप्रिय एप्स के उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करेंगे
साइबर धोखाधड़ी को रोकने की दिशा में कदम
भारत में साइबर अपराधों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. लोग हर दिन फर्जी कॉल, एसएमएस और लिंक के जाल में फंसकर हजारों-लाखों रुपए गंवा रहे हैं.
इसी को देखते हुए RBI ने जनवरी 2026 के मध्य से पूरे देश में नए डिजिटल पेमेंट नियम लागू कर दिए हैं.
शुरुआत में ये नियम कुछ यूजर्स को असुविधाजनक लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक यह कदम आपकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
अब सीमित होगा एक दिन में UPI ट्रांजैक्शन
पहले आप किसी भी UPI ऐप से जितनी बार चाहें और जितनी राशि चाहें ट्रांसफर कर सकते थे. लेकिन अब
- प्रत्येक ऐप के लिए एक तय रोजाना सीमा तय कर दी गई है.
- बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए यूजर्स को पहले से योजना बनानी होगी या फिर किस्तों में पैसा भेजना होगा.
इसका उद्देश्य यह है कि एक बार में बड़ी राशि की धोखाधड़ी न हो सके.
लेनदेन से पहले होगी सख्त पहचान जांच
अब किसी भी प्रकार के डिजिटल भुगतान से पहले मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है.
- इसमें शामिल है: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, OTP और अन्य सुरक्षा परतें.
- इससे भले ही कुछ सेकंड का समय ज्यादा लगे, लेकिन यह आपके पैसे को सुरक्षित रखेगा.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम धोखाधड़ी की घटनाओं में भारी कमी ला सकता है.
यूजर प्रोफाइल अपडेट करना अब जरूरी
नए नियमों का फायदा उठाने के लिए सबसे पहले अपने UPI एप की प्रोफाइल अपडेट करें.
- मोबाइल नंबर, ईमेल, आधार और पैन कार्ड की जानकारी सत्यापित करें.
- यदि आपने पता या मोबाइल नंबर बदला है, तो उसे तुरंत ऐप में अपडेट करें.
- साथ ही, बैंक अकाउंट डिटेल्स को भी वेरीफाई करें.
गलत या पुरानी जानकारी से भविष्य में ट्रांजैक्शन रुक सकता है.
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से बढ़ेगी सुरक्षा
अब टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को अनिवार्य कर दिया गया है.
- जब आप लॉगिन करते हैं या ट्रांजैक्शन करते हैं, तो
- पासवर्ड के अलावा एक OTP या कोड की जरूरत होगी.
- यह कोड आपके मोबाइल पर भेजा जाता है या ऑथेंटिकेटर ऐप से प्राप्त होता है.
यह प्रक्रिया किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को आपके खाते में घुसने से रोकती है.
नियमित रूप से करें ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच
हर हफ्ते कम से कम एक बार अपने डिजिटल पेमेंट एप या बैंक खाते की लेनदेन सूची जरूर जांचें.
- यदि कोई अनजान ट्रांजैक्शन दिखे, तो तुरंत कस्टमर केयर से संपर्क करें.
- छोटे लेनदेन को नजरअंदाज करना बड़ा नुकसान बन सकता है.
सतर्कता ही आपकी डिजिटल सुरक्षा की पहली और सबसे मजबूत दीवार है.
अलग-अलग ऐप्स पर लागू किए गए बदलाव
Google Pay, PhonePe और Paytm ने इन नए नियमों को अपने तरीके से अपनाया है.
- Google Pay: सत्यापन प्रक्रिया सख्त की गई है.
- PhonePe: दैनिक लेनदेन सीमा में बदलाव किए गए हैं.
- Paytm: अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर्स जोड़े गए हैं.
शुरुआत में इन बदलावों से थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन यह आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है.
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये ज़रूरी सावधानियां
- कभी भी अपना UPI PIN, पासवर्ड या OTP किसी को न बताएं.
- बैंक का कोई भी कर्मचारी आपसे यह जानकारी नहीं मांगता.
- अनजान लिंक या लॉटरी वाले मैसेज पर क्लिक न करें.
- फोन पर “स्क्रीन शेयरिंग” की अनुमति किसी को न दें.
याद रखें, आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपके खाते को खाली कर सकती है.
डिजिटल सुरक्षा के नए युग की शुरुआत
2026 के नए डिजिटल पेमेंट नियम तकनीक को सुरक्षित दिशा में ले जाने का बड़ा कदम हैं.
- प्रारंभिक असुविधा के बाद, ये आदत में शामिल हो जाएंगे.
- आप और आपका परिवार डिजिटल दुनिया में ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे.
अपने जानने वालों को भी इन बदलावों के बारे में बताएं, क्योंकि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है.






