ATM New Rule अगर आप नियमित रूप से एटीएम से नकद निकालते हैं और आपका खाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. हाल ही में SBI ने एटीएम ट्रांजैक्शन चार्ज में बदलाव किया है, जिससे ग्राहकों को अब पहले से अधिक भुगतान करना पड़ सकता है. यह बदलाव छोटा जरूर है, लेकिन रोजमर्रा के बैंकिंग खर्चों में इजाफा कर सकता है.
डिजिटल युग में भी कैश की जरूरत बनी हुई है
भले ही डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन अब भी गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में नकद लेन-देन की भूमिका अहम है. ऐसे में एटीएम चार्ज में बढ़ोतरी आम लोगों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों और बुजुर्गों को प्रभावित कर सकती है.
किन ग्राहकों पर लागू होगा नया नियम?
यह नया एटीएम चार्ज मुख्य रूप से SBI के उन खाताधारकों पर लागू होगा जो अन्य बैंकों के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं. जब तक मासिक फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म नहीं होती, तब तक कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा. लेकिन सीमा पार होते ही हर ट्रांजैक्शन पर बढ़ा हुआ शुल्क देना होगा.
एटीएम से कैश निकालने पर कितना बढ़ा शुल्क?
नए नियमों के अनुसार:
- फ्री लिमिट खत्म होने के बाद, दूसरे बैंक के एटीएम से नकद निकालने पर ₹23 प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज लगेगा
- पहले यह चार्ज ₹21 था, यानी अब ₹2 की सीधी बढ़ोतरी की गई है
- इस पर अतिरिक्त जीएसटी भी लागू होगा
जो ग्राहक बार-बार नकद निकालते हैं, उनके लिए यह छोटा बदलाव बड़ा खर्च बन सकता है.
नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन भी महंगे
अब सिर्फ नकद निकासी ही नहीं, बैलेंस चेक करना, मिनी स्टेटमेंट निकालना जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन भी महंगे हो गए हैं.
- पहले इन पर ₹10 शुल्क लगता था,
- अब यह बढ़कर ₹11 प्रति ट्रांजैक्शन हो गया है,
- और इस पर भी जीएसटी अलग से लिया जाएगा
फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट यथावत
इस बीच एक राहत की बात यह है कि फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
- ग्राहकों को हर महीने 5 फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी
- ये ट्रांजैक्शन कैश विड्रॉल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों प्रकार के हो सकते हैं
इसलिए जो लोग सीमित संख्या में एटीएम का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें ज्यादा असर नहीं झेलना पड़ेगा.
किन खाताधारकों पर होंगे नियम लागू?
SBI के सेविंग्स अकाउंट और सैलरी अकाउंट होल्डर्स पर ये चार्ज लागू होंगे, जब वे:
- नॉन-SBI एटीएम का उपयोग करें
- और मासिक फ्री लिमिट पार कर लें
हालांकि, SBI के एटीएम से ट्रांजैक्शन करने पर नियम थोड़े अलग हो सकते हैं और चार्ज भी कम या शून्य हो सकता है.
क्यों बढ़े एटीएम चार्ज?
बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार:
- एटीएम के रखरखाव,
- कैश मैनेजमेंट,
- और तकनीकी अपग्रेडेशन की लागत लगातार बढ़ रही है.
इसी वजह से समय-समय पर बैंक ट्रांजैक्शन चार्ज में बदलाव करते हैं. हालांकि ग्राहकों को यह बदलाव सीधे जेब पर असर करता है, जिससे असंतोष भी देखा जा सकता है.
आम आदमी पर सीधा असर
इस चार्ज का ज्यादा प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो महीने में कई बार एटीएम का उपयोग करते हैं, जैसे:
- छोटे दुकानदार
- ग्रामीण इलाकों के नागरिक
- बुजुर्ग
- और वे लोग जो डिजिटल पेमेंट से दूर हैं
इन लोगों को अब अतिरिक्त चार्ज का सामना करना पड़ सकता है.
पैसे बचाने के आसान उपाय
इस अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए आप कुछ आसान कदम उठा सकते हैं:
- महीने की शुरुआत में एक साथ जरूरत का कैश निकालें
- जहां संभव हो, UPI और डिजिटल पेमेंट का उपयोग करें
- बैलेंस चेक या स्टेटमेंट के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग का सहारा लें
इन उपायों से आप नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन का खर्च भी बचा सकते हैं.
जागरूकता ही है सबसे बड़ा बचाव
अक्सर बैंक ऐसे बदलाव बिना ज्यादा प्रचार किए लागू कर देते हैं, और ग्राहक को तब जानकारी होती है जब अकाउंट से चार्ज कट चुका होता है. इसलिए:
- बैंक की वेबसाइट या SMS अलर्ट पर ध्यान दें
- परिवार, खासकर बुजुर्गों को ऐसे बदलावों की जानकारी दें
- और समय-समय पर अपने बैंक से जुड़े नियम पढ़ते रहें
इससे आप हर महीने सैकड़ों रुपये की बचत कर सकते हैं.






